छत्तीसगढ़ के मोहला जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों के कत्ल की एक दर्दनाक दास्तां बयां की है। फुलकोडो निवासी 36 वर्षीय कदम भुआर्य अपनी पत्नी के चरित्र और उसके ममेरे भाई चंदर सिंह अंधारे के साथ अवैध संबंधों पर शक करता था।

इसी शक के चलते वह आए दिन अपनी पत्नी के साथ मारपीट किया करता था, जो उसके अपनों के लिए नासूर बन चुका था।
पत्नी के भाई चमन लाल देहरी और चंदर सिंह अंधारे ने इस बात से तंग आकर कदम को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली। इस आपराधिक षड्यंत्र में हेमंत राणा और एक नाबालिग भी शामिल हो गए।
शराब की पार्टी और मौत का खूनी खेल
बीते 28 फरवरी को आरोपियों ने एक सुनियोजित योजना के तहत कदम को सीतागांव बस स्टॉप से अपने साथ लिया और चिखलाकसा-भैंसाराटोला के सुनसान इलाके में ले गए। वहां पहले उसे जमकर शराब पिलाई गई और जब वह पूरी तरह नशे में धुत हो गया, तब गमछे से उसका गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। सबूत मिटाने की नीयत से आरोपियों ने शव को नाले के किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया तथा मृतक के मोबाइल व जूते पास के नाले में फेंक दिए।
पांच मार्च को मिला शव
पांच मार्च को कोहका नदी के पास एक अज्ञात शव मिलने से इलाके में सनसनी फैली। शव मिलने के बाद पुलिस ने जब मामले की तहकीकात शुरू की, तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। मृतक की पहचान कदम भुआर्य के रूप में होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे।
साइबर सेल ने ढूंढ निकाले आरोपी
साइबर सेल की तकनीकी टीम ने जब सुराग खंगाला, तो पता चला कि मुख्य आरोपी चंदर सिंह अंधारे हैदराबाद में छिपा हुआ है. पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हैदराबाद से चंदर को दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपी हेमंत राणा और चमन लाल देहरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक नाबालिग को विधि के अनुसार अभिरक्षा में ले लिया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है और सभी आरोपियों को 24 अगस्त को न्यायालय में पेश कर दिया गया है. यह मामला साबित करता है कि शक और अंधाधुंध गुस्सा किस तरह इंसान को कानून के शिकंजे में ला खड़ा करता है.
