छत्तीसगढ़ सरकार शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी राहत योजना लागू करने जा रही है.

‘मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना’ के तहत, जिन छात्रों को दाखिला मिलने के बाद सरकारी हॉस्टल में जगह नहीं मिल पाती, उन्हें निजी कमरों या किराए के मकानों में रहने के लिए हर महीने वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी.
प्रदेश के 343 सरकारी कॉलेजों में करीब 2.88 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से 2.59 लाख छात्र एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग से आते हैं. सीमित हॉस्टल सीटों के कारण हजारों छात्रों को महंगे किराए पर कमरे लेकर रहने के लिए मजबूर होना पड़ता था. इस निर्णय से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं और उनके परिवारों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी हद तक कम होगा.
योजना के मुख्य प्रावधान और सहायता राशि
यह वित्तीय सहायता साल में 10 महीनों के लिए तीन किस्तों में सीधे पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों (DBT) में भेजी जाएगी. सहायता राशि को शहर की श्रेणी के अनुसार तय किया गया है:
राजधानी (रायपुर): ₹3,000 प्रतिमाह
संभागीय मुख्यालय (बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा): ₹2,500 प्रतिमाह
जिला एवं विकासखंड मुख्यालय: ₹2,000 प्रतिमाह
पात्रता एवं शर्तें
अवधि: इस योजना का लाभ स्नातक (Graduation) स्तर के लिए अधिकतम 4 वर्ष और स्नातकोत्तर (Post Graduation) के लिए अधिकतम 2 वर्ष तक (कुल 6 वर्ष) मिलेगा.
आय सीमा: आवेदक छात्र के परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए.
शैक्षणिक योग्यता: चयन मेरिट के आधार पर होगा. स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए 12वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी (60%) और स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए स्नातक में कम से कम 55% अंक होना अनिवार्य है.
अपवाद: जो छात्र पहले से किसी सरकारी, अनुदान प्राप्त या अन्य संस्था द्वारा संचालित हॉस्टल में रह रहे हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे.
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