सारंगढ़। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों के स्थानांतरण का आदेश जारी करते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के वन विभाग में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। शासन के आदेश के तहत जिले के वन उप संरक्षक (क्षेत्रीय) विपुल अग्रवाल का स्थानांतरण सूरजपुर वन मंडल कर दिया गया है। वहीं उनके स्थान पर पूर्व में सारंगढ़-बिलाईगढ़ में वन विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुकीं पुष्पलता टंडन की दोबारा पदस्थापना की गई है।
जानकारी के अनुसार विपुल अग्रवाल भारतीय वन सेवा 2022 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में सारंगढ़-बिलाईगढ़ में वन उप संरक्षक (क्षेत्रीय) के रूप में पदस्थ थे। शासन ने उन्हें अब सूरजपुर वन मंडल में वन उप संरक्षक (क्षेत्रीय) के पद पर पदस्थ किया है। दूसरी ओर भारतीय वन सेवा 2016 बैच की अधिकारी पुष्पलता टंडन को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुष्पलता टंडन की दोबारा वापसी से बढ़ी चर्चा
पुष्पलता टंडन इससे पहले भी सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में DFO की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। नई पदस्थापना के बाद एक बार फिर जिले के वन प्रशासन की कमान उनके हाथों में होगी। जिले की वन परिस्थितियों और विभागीय कामकाज से उनके पूर्व परिचित होने के कारण नई जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टंडन की नई पदस्थापना वन उप संरक्षक (वन्यजीव), कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण), सह मुख्य वन्यजीव वार्डन, अरण्य भवन, नवा रायपुर से सारंगढ़-बिलाईगढ़ के वन उप संरक्षक (क्षेत्रीय) के रूप में की गई है।
वन क्षेत्र और संरक्षण से जुड़े काम होंगे अहम
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में वन विभाग की भूमिका केवल प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। जिले के वन क्षेत्रों का प्रबंधन, वन संरक्षण, वन्यजीवों से जुड़े विषय, विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन तथा वन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न कार्य अधिकारियों की निगरानी में संचालित होते हैं।
ऐसे में DFO स्तर पर होने वाला यह बदलाव जिले के वन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद पुष्पलता टंडन के सामने वन संरक्षण के साथ विभागीय योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।
प्रदेश में 24 IFS अधिकारियों का तबादला
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के आदेश में प्रदेश के कुल 24 भारतीय वन सेवा अधिकारियों की नवीन पदस्थापना की गई है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए गए इस फेरबदल में अधिकारियों को उनके नाम के सामने दर्शाए गए नवीन पदस्थापन स्थल पर तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक पदस्थ किया गया है।
स्थानांतरण सूची में अलग-अलग वन मंडलों और विभागीय पदों पर कार्यरत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसी सूची में सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सूरजपुर वन मंडल से जुड़े बदलाव भी शामिल हैं।
विपुल अग्रवाल के सूरजपुर जाने और पुष्पलता टंडन की सारंगढ़-बिलाईगढ़ में वापसी के बाद जिले के वन विभाग को नया प्रशासनिक नेतृत्व मिलेगा। अब देखना होगा कि नई DFO जिले में वन संरक्षण, विभागीय योजनाओं और वन क्षेत्र से जुड़े कार्यों को किस तरह गति देती हैं।
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