सारंगढ़। जिले के सरिया में 100 बिस्तर सिविल अस्पताल का शिलान्यास बड़े धूमधाम और जनसभा के बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के हाथों किया गया। मंच सजा, भाषण हुए और विकास के बड़े-बड़े दावे भी किए गए।
लेकिन इस पूरे आयोजन की चमक अगले ही दिन फीकी पड़ गई, जब शिलान्यास की पट्टिका कचरे के बीच पड़ी मिली—एक ऐसा दृश्य जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए।

लापरवाही या महज औपचारिकता?
जिस अस्पताल से क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद है, उसकी शुरुआत ही इस तरह की लापरवाही से होना कई सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शिलान्यास जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया की यह हालत है, तो आगे निर्माण और गुणवत्ता को लेकर क्या उम्मीद की जाए?
जनता में नाराजगी, भरोसे पर असर
इस घटना के बाद लोगों में नाराजगी साफ नजर आ रही है। लोगों का मानना है कि—
क्या शिलान्यास सिर्फ औपचारिकता और प्रचार का माध्यम बनकर रह गया है?
क्या जिम्मेदार अधिकारी और आयोजक अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं?
अब सबकी नजर प्रशासन पर
यह मामला केवल एक पट्टिका का नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीरता और जवाबदेही का है।
अब देखना होगा कि इस लापरवाही पर जिम्मेदार क्या सफाई देते हैं और क्या कोई ठोस कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
फिलहाल, यह घटना साफ संकेत दे रही है कि विकास के दावों के साथ जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही जरूरी है।

- फैटी लिवर को मामूली समझने की गलती न करें! रात में शरीर के अंदर हो रहा ये काम दिला सकता है बड़ी बीमारी का संकेत… - August 13, 2026
- अंधे सैफ अली खान के पीछे पड़ा खूंखार अक्षय कुमार, 45 सेकंड के टीजर ने बढ़ाई बेचैनी… - August 13, 2026
- छत्तीसगढ़:ऑनलाइन देता था शादी का झांसा फिर घर बुलाकर ले जाता था कमरे में, इसके बाद करता था ऐसा काम कि…. - August 13, 2026




