“जमीन बचाओ” की हुंकार: चूना भट्ठा-खदान नीलामी के खिलाफ हजारों ग्रामीणों का उबाल, सारंगढ़ में ऐतिहासिक रैली!

IMG-20260201-WA0034.jpg
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.26 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34

सारंगढ़। नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित चूना भट्ठा एवं पत्थर खदान की नीलामी के विरोध में जनआक्रोश लगातार तेज होता जा रहा है। खैराहा, कुटेला, दुर्गापाली, खम्हारडीह, चंदाई, जुनाडीह, रापागुला, पचपेड़ी, भोजपुर, गताडीह, भैंसदेहान सुलोनी, हरीहरपुर सहित कई गांवों के हजारों ग्रामीणों ने बीते दिन सारंगढ़ में विशाल रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध दर्ज कराया और ज्ञापन सौंपा।
रैली में शामिल ग्रामीणों ने “जमीन बचाओ”, “खदान हटाओ” जैसे नारों के साथ अपने हक की आवाज बुलंद की। आंदोलन का स्वरूप इतना बड़ा था कि पूरे शहर में इसकी गूंज सुनाई दी और प्रशासन को भी स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ।
इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ताराचंद देवांगन ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन गांवों के लोग पीढ़ियों से यहां बसे हुए हैं, लेकिन अब चूना भट्ठा खोलने के नाम पर उनकी जमीन छीनने और बस्तियों को उजाड़ने की साजिश रची जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कलेक्ट्रेट परिसर में हुए शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस नेताओं—घनश्याम मनहर, विनोद भारद्वाज, राजीव सिंह, राकेश पटेल, संजय दुबे, रमेश खूंटे, शुभम बाजपेयी सहित अन्य आंदोलनकारियों के खिलाफ सारंगढ़ कोतवाली में एफआईआर दर्ज करना लोकतंत्र की हत्या है। यह कदम जनता की आवाज दबाने का प्रयास है।
देवांगन ने कहा कि भाजपा सरकार दमनात्मक कार्रवाई कर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिसकी कांग्रेस पार्टी कड़ी निंदा करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित चूना फैक्ट्री और खदान से नगर व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर पर्यावरणीय और सामाजिक नुकसान होगा।
अंत में उन्होंने दो टूक कहा, “हम डरने वाले नहीं हैं। जब तक सरकार इस नीलामी प्रक्रिया को वापस नहीं लेती, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। जनता हमारे साथ है और हम हर अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते रहेंगे।”
सारंगढ़ में उठी यह जनआवाज अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती दिख रही है, जिससे आने वाले दिनों में प्रशासन और सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.24
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.24 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.28 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.28
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.32 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.30
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (3)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.49 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.49
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.46
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50

Recent Posts