छत्तीसगढ़ के बीजापुर स्थित थाना भोपालपट्नम पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के निकट उल्लूर घाटी-चिल्लामरका जंगल के पहाड़ी रास्ते से मवेशियों को हांककर ले जा रहे तस्करों को पकड़ा।
इस कार्रवाई में कुल 171 पशु तस्करों के कब्जे से मुक्त कराए गए हैं।
पुलिस ने घेरकर आरोपियों को पकड़ा
सूचना मिलने पर थाना भोपालपट्नम की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर तस्करों को घेर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम-पता बताया, लेकिन उनके पास पशुओं के स्वामित्व या परिवहन से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। मौके पर गवाहों की मौजूदगी में 171 मवेशियों को बरामद किया गया। ये पशु तेलंगाना राज्य की ओर ले जाए जा रहे थे।

पकड़े गए आरोपी तीन राज्यों के
पकड़े गए नौ आरोपियों में तीन तेलंगाना, पांच महाराष्ट्र और एक बीजापुर के निवासी हैं। मुकदमा छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2011 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। मुक्त कराए गए 171 मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए नगर पंचायत भोपालपट्नम के गौठान में स्थानांतरित किया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि पशु तस्करों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने कहा- जीरो टॉलरेंस की नीति
पुलिस ने बताया कि सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में सक्रिय ऐसे तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए मुखबिरों से सूचना और गश्त बढ़ाई जा रही है। इस सफल अभियान से स्थानीय किसानों और पशुपालकों में राहत की भावना है, क्योंकि कृषि पशु उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पुलिस का कहना है कि पशु क्रूरता और अवैध तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
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