छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में झाड़ फूंक और झोलाछाप डॉक्टर की वजह से एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई. इस घटना के कारण परिजनों में आक्रोश और मातम फ़ैल गया है.

ये घटना गरियाबंद जिले के धनोरा गांव में सामने आई है. इस घटना के कारण डमरूधर नागेश के परिवार में शोक फ़ैल गया है. जानकारी के मुताबिक़ परिवार के लोग कुछ दिन पहले एक जगह मक्का तोड़ने गए थे. जिसके बाद तीनों बच्चों को बुखार आ गया.

इसके बाद परिजन किसी झोलाछाप डॉक्टर के पास इन बच्चों का इलाज करवाने के लिए गए. लेकिन वहां पर बच्चों को किसी भी प्रकार का आराम नहीं मिला तो वे वापस लौट आएं. इसके बाद परिजन झाड़ फूंक के चक्कर में पड़ गए.
देर से हॉस्पिटल लेकर पहुंचे परिजन
बताया जा रहा है की जब किसी भी प्रकार का आराम बच्चों को नहीं हुआ तो बच्चों को हॉस्पिटल (Hospital) ले जाया गया. लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो गई और इसके बाद दुसरे बच्चे की मौत हुई. बताया जा रहा है की तीसरे बच्चे की मौत जब दुसरे बेटे के अंतिम संस्कार करके परिवार घर लौटा तो बच्चे की तबियत बिगड़ गई. इस बार भी परिजन उसे झाड़ फूंक के लिए ले गए और उसी दिन उसकी भी मौत हो गई.
अंधविश्वास ने ली मासूमों की जान
बताया जा रहा है की स्वास्थकर्मियों ने बच्चों को हॉस्पिटल ले जाने की कोशिश भी की. लेकिन परिजन इसके लिए नहीं माने और उन्होंने झाड़ फूंक पर भरोसा किया. जिसके कारण मासूमों की मौत हो गई. विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है. लेकिन इसके बाद बावजूद लोगों में अंधविश्वास (Superstition) फैला है.
- मेहनतकशों को मिला सम्मान: मजदूर दिवस पर श्रमिकों के चेहरे खिले, अभामा महिला सम्मेलन की अनोखी पहल… - May 2, 2026
- फ्लाइएश ओवरलोडिंग पर बड़ा एक्शन: 4 वाहनों से 1.26 लाख वसूली, 20 अन्य पर भी चली कार्रवाई… - May 2, 2026
- 16-17 मई को होगा भाजपा का मेगा प्रशिक्षण वर्ग, तैयारी बैठक में दिखा जबरदस्त उत्साह… - May 2, 2026
