सारंगढ़: अभामामहिला ने ईश्वरीय विश्वविद्यालय के शिक्षकों का कियें सम्मान
सारंगढ़ । अभामामहिला सम्मेलन शाखा सारंगढ़ के द्वारा प्रजापिता ब्रह्मा ईश्वरीय विश्वविद्यालय में सभी बहनों ने जो पाठशाला में आती है सबने टीचर्स डे मनाया।पहले ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बहनों को तिलक लगाकर गुलदस्ता भेंटकर , फ्रूट की टोकरी व पेन देकर सम्मानित करते दुपट्टा ओढ़ायें । मुख्य प्रशासिका कंचन बहन , मिथिलेश बहन, पंकज बहन, कमला बहन का सम्मान किया गया । ब्रह्माकुमारी आश्रम में और पांच बहनों का सम्मान किया गया जिसमें चंद्रकांति बहन, दुर्गेश्वरी और वसुंधरा यें स्कूल में शिक्षिका है । इनका भी ब्रह्माकुमारी आश्रम में सम्मान किया गया । पुष्प गुच्छ,फल की टोकरी पेन और दुपट्टा ओढ़ाया गया । कार्यक्रम में शाखा अध्यक्ष शशिकला अग्रवाल , प्रदेश प्रभारी मधु अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, चंदा अग्रवाल शामिल रहें ।
विदित हो कि- सम्मानित होते हुए बी कंचन बहन ने कहा कि – शिक्षा का दीपक अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है और युग के निर्माण में परिवर्तन के लिए शंखनाद करता है , शिक्षक मार्गदर्शन देते हैं , श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ के आश्रम में शिक्षा दीक्षा लिए जो मर्यादा पुरुषोत्तम राम बने , भगवान श्री कृष्ण ने विश्व को गीता का ज्ञान दिया उन्हें भी ऋषि संदीपनी के आश्रम में शिक्षा मिली , चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को शिक्षा देकर हिंदुस्तान का नक्शा बदल दिया , गुरु द्रोणाचार्य ने अर्जुन को ऐसी शिक्षा दी जो हिंदुस्तान की अद्भुत घटना मानी जाती है , स्वामी विवेकानंद के गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस ने उनके जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन कियें । इसी परिवर्तन का श्री गणेश सिर्फ गुरु ही कर सकता है , गुरु अंधकार से उजाले की ओर ले जाने वाला है । श्रीमती मधु अग्रवाल ने कहा कि – पहले गुरु के रूप में मां पहले शिक्षक होती है व संस्कार की पहली पाठशाला घर से प्रारंभ होती है । माता ने हम सभी को यहां तक पहुंचा है और गुरुओं की हम पर कृपा रही है जिनके चलते हम भारतीय संस्कृति और संस्कार को सजीव स्वरूप में रखे हैं ।
