भाजपा सरकार अपनी नाकामी और बदनामी को छुपाने कांग्रेसी नेताओं को कर रही है परेशान – अरुण मालाकार सतनामी समाज और कांग्रेस के लोगों पर साज़िश रच रही साय सरकार – उत्तरी गणपत जांगड़े पत्रकारवार्ता मे कांग्रेसी नेताओं ने भाजपा सरकार पर लगाये प्रश्नचिन्ह..
सारंगढ़: नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्य की भाजपा सरकार द्वारा बलौदाबाजार प्रकरण में राजनैतिक द्वेष व दुर्भावनावश भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के निर्वाचित विधायक, युवा कांग्रेस एवं एनएसयुआई के जिला अध्यक्षों सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर किये जा रहे कार्यवाही को मीडिया के माध्यम से आमजनता तक पहुंचाने के लिए जिलास्तर पर वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में पत्रकार वार्ता आयोजित करने सभी जिला कांग्रेस पदाधिकारियों को निर्देशित किया है। जिस परिपेक्ष्य में सारंगढ़ बिलाईगढ़ कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता आयोजित किया था जिसमे श्री मालाकार ने प्रदेश के भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि
बलौदाबाजार के मामले में साय सरकार अपनी नाकामी और पूरे देश में हुई बदनामी को छुपाने विपक्ष के नेताओं को परेशान कर रही है। कांग्रेस के विधायक देवेन्द्र यादव की गिरफ्तारी भाजपा की बाँखलाहट को दर्शाता है। यह विपक्ष को बदनाम करने की साजिश है। विधायक देवेन्द्र यादव बलौदाबाजार में न भाषण दिये और न ही कलेक्टर ऑफिस प्रदर्शन में शामिल हुये । वे भीड़ में पांच मिनिट रूक कर वापस आ गये थे। कही भी किसी हिंसक घटना में उनके संलिप्तता का कोई भी साक्ष्य नहीं और न ही वे किसी भी प्रकार की घटना में शामिल थे। पुलिस ने उनको गलत तरीके से गिरफ्तार किया है।
अरुण मालाकार ने प्रदेश सरकार को लताड़ते हुए कहा साय सरकार और पुलिस बताये किन भाजपा नेताओं को नोटिस दिया, पूछताछ की गयी। न्याय संगत कार्यवाही होनी चाहिये। भाजपा सरकार का चरित्र और व्यवहार 8 माह में ही अलोकतांत्रिक हो गया है।
सतनामी समाज और कांग्रेस के लोगों पर साज़िश रच रही सरकार – उत्तरी गणपत जांगड़े
सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े ने कहा कि यह सरकार पत्रकार विरोधी भी है इसलिए पत्रकारों को गलत तरीके से फंसाने उनकी गाड़ी में गांजा रखा जाता है। विपक्ष के विधायक को झूठे मुकदमे में फंसा कर गिरफ्तार किया गया। बलौदाबाजार के मामले में सतनामी समाज और कांग्रेस के लोगों को चिन्हांकित करके उनको जेलों में डाला गया। जबकि प्रशासन की निरंकुशता व लापरवाही से बलौदाबाजार में सतनामी समाज के आंदोलन में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ हुई और इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया, जिसके लिए प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह दोषी है।
यदि समय रहते जैतखाम को क्षति पहुंचाने वालों पर कार्यवाही की गई होती और आहत समाज से संवाद किया गया होता तो ऐसी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होती। धार्मिक भावनाएं आहत होने पर आंदोलित समाज को विश्वास में लिया गया होता तो ऐसे विध्व॑सक प्रतिक्रिया नहीं होती।
कांग्रेस ने लगाया प्रश्नचिन्ह –
इस पूरे आंदोलन में भाजपा के जिलाध्यक्ष सनम जांगड़े सहित अन्य भाजपा नेताओं की भूमिका की जांच की मांग करते हुए कांग्रेस ने प्रश्नवाचक चिन्ह लगाते हुए कहा कि
धरना प्रदर्शन को कलेक्टर से परमीशन दिलाने वाला कौन था? रैली में आने वाले हजारों लोगों के लिये भोजन, मंच, पंडाल, माईक के लिए रूपयों की व्यवस्था किसने किया? इतनी बड़ी घटना के बाद भड़काऊ भाषण देने वाले की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? नागपुर से 250 से अधिक लोग आये थे वो कौन थे? सरकार ने उन पर नजर क्यों नहीं रखा था? रैली की शुरूआत से ही उपद्रव शुरू हो गया था उसके बावजूद लोगों को कलेक्ट्रेट क्यों जाने दिया गया? भीड़ को रोकने की कोशिश क्यों नहीं हुई? आम जनता के वाहन जलाये जा रहे थे, लोगों को दौड़ा कर पीटा जा रहा था तब पुलिस कहां थी? एसपी किसके इशारे पर शांत बैठे हुये थे? घटना को रोकने के बजाय पलायन क्यों कर गये?
नगर के सर्किट हाउस में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरुण मालाकार , विधायक शेषराज हरवंश पामगढ़, विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े , पूर्व विधायक पदमा घनश्याम मनहर, नपा अध्यक्ष सोनी अजय बंजारे, सभापति जिला पंचायत अनिका विनोद भारद्वाज, पार्षद सरिता गोपाल, श्रीमती आनंद, नपा उपाध्यक्ष रामनाथ सिदार , संजय दुबे , सूरज तिवारी , पुरुषोत्तम साहू, पवन अग्रवाल, घनश्याम मनहर , राधे जायसवाल, गनपत जांगड़े, अजय बंजारे , गोल्डी नायक,शुभम बाजपेई, अभिषेक शर्मा , प्रमोद मिश्रा, बब्लू बहिदार , पत्रकारों में भरत अग्रवाल, जगन्नाथ बैरागी, राजेश यादव, रामकिशोर दुबे, ओमकार केसरवानी, मिलाप बरेठा, राहुल भारती, योगेश कुर्रे, दिनेश जोल्हे , गोविंद बरेठा के साथ ही साथ अन्य पत्रकार उपस्थित रहे ।कार्य क्रम के अंत में सभी पत्रकारों को स्वल्पाहार कराया गया ।
