Fastag का झंझट खत्म! अब इस खास सिस्टम से होगा Toll tex collection जानें सरकार का नया प्लान….
हाईव पर ट्रैवल करते वक्त अक्सर टोल गेट से होकर गुजरना होता है, जहां FASTag के माध्यम से हम टोल टैक्स देते हैं। हालांकि बहुत जल्द आपको हाईवे पर टोल प्लाजा नहीं दिखेंगे। जी, हां दरअसल सरकार मौजूदा टोल प्लाजा को बदल कर नया GPS आधारित Toll Collection System को लागू करने की योजना बना रही है।
केंद्र सरकार ने घोषणा की है, टोल कलेक्शन के लिए नए ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) को लागू किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार ने दुनियाभर के कंपनियों के लिए इंटरनेशनल टेंडर भी जारी किया है। आइए आपको ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम के बारे में विस्तार से बताते हैं।
बता दें कि शुरूआत में टोल कलेक्शन नकदी के माध्यम से की जाती थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने टोल बूथों पर जाम को कम करने फास्ट टैग कार्ड सिस्टम की शुरूआत की। आज भारत में 99 प्रतिशत वाहन फास्ट टैग कार्ड से लैस हैं।
Fastag एक डिजिटल टोल कलेक्शन सिस्टम है। इसमें Radio Frequency Identification (RFID) टेक्नोलॉजी की मदद से QR को स्कैन किया जाता है, जिसके बाद ऑटोमैटिक पेमेंट हो जाता है। हालांकि इसके वाबजूद कई टोल बूथों पर काफी इंतजार करना पड़ता है।
इसी को देखते हुए भारत सरकार नया Toll कलेक्शन सिस्टम लाने जा रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पहले भी कई बार इस बारे में बात कर चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि नई ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम जल्द भारत में लागू हो जाएगी।
GNSS के लिए शुरूआत में बनेंगे दो अलग लेन: रिपोर्ट के मुताबिक भारत के हर टोल बूथों पर ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) के लिए दो अलग लेन बनायी जाएगी। जीएनएसएस सिस्टम को पहले चरण में 2,000KM नेशनल हाईवे पर लागू किया जाएगा।
हालांकि शुरूआती दौर में FASTag लेन भी चालू रहेंगे। फिलहाल सरकार ने नई ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) को लागू करने की कोई डेडलाइन नहीं तय की है। शुरूआत में इस सिस्टम का उपयोग करने वालों को विशेष ऑफर देने की बात कही जा रही है।
ऐसे काम करेगा ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS): बता दें कि इस सिस्टम के तहत वाहन चालक हाइवे पर जितनी दूरी तय करेंगे, उनसे उतना ही टोल टैक्स कलेक्ट किया जाएगा। यह टोल टैक्स, बैंक अकाउंट से ऑटोमैटिक कट जाएगा।
बता दें कि नई ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) बैरियर फ्री इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है। इस टेक्नोलॉजी के तहत आपके वाहन के लोकेशन को ट्रैक कर तय की दूरी के आधार पर टोल टैक्स काटा जाएगा।
सरकार ने जारी किए टेंडर: ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) को डेवलप और लागू करने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड NHAI ने इस के लिए ग्लोबल सॉफ्टवेयर कंपनियों को इनवाइट किया है।
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