छ्त्तीसगढ़ में ‘मिनी नियाग्रा’ कहे जाने वाले चित्रकोट वाटरफॉल के पास एक चौंका देने वाली घटना हुई. यहां एक युवती ने कूदकर जान देने की कोशिश की. हालांकि समय रहते उसे बचा लिया गया. इस घटना के पीछे जो वजह सामने आई, उसने सभी को दंग कर दिया.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवोदिता पाल ने बताया कि 21 साल की युवती का नाम सरस्वती मौर्य है. वह अपना ज्यादातर समय मोबाइल पर बिताया करती थी. उसकी इस आदत से परिजन परेशान हो गए थे. वह सरस्वती को इसके लिए डाटते थे. पुलिस ने बताया कि पिता संतो मौर्य ने मंगलवार को भी करीब दोपहर 1 बजे के सरस्वती मौर्य को मोबाइल ज्यादा खेलने पर लेकर डांट लगाई थी. इससे नाराज होकर सरस्वती चित्रकोट वाटरफॉल पहुंच गया.

पुलिस ने बताया कि वाटरफॉल देखने आए लोगों को जब यह एहसास हुआ कि वह आत्महत्या करने जा रही है, तो उन्होंने उसे रोकने की काफी कोशिश लेकिन सरस्वती ने किसी की नहीं सुनी और फॉल में छलांग लगा दी. हालांकि उसे तुरंत ही अपनी गलती का अहसास हो गया. इसके बाद वह खुद को डूबने से बचाने के लिए तैरकर बाहर आने की कोशिश करने लगी.
चित्रकोट चौकी प्रभारी तामेस्वर चौहान ने आजतक को बताया कि वाटरफॉल के पास सुरक्षा के लिए तैनात गांववाले नाव लेकर सरस्वती के पास पहुंच गए और उसे बचा लिया. पुलिस के अनुसार सरस्वती मौर्य चित्रकोट गांव की ही रहने वाली है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक युवती चित्रकोट के एक होटल में काम करती है. पिछले साल भी एक युवती ने चित्रकोट वारटरफॉल में छलांग लगा दी थी.
जानकारी के मुताबिक बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है, जिस चित्रकोट वाटरफॉल में भी खूब पानी है. इस वाटरफॉल की ऊंचाई 90 फीट है. यहां सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं.
(अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवोदिता पाल ने बताया कि 21 साल की युवती का नाम सरस्वती मौर्य है. वह अपना ज्यादातर समय मोबाइल पर बिताया करती थी. उसकी इस आदत से परिजन परेशान हो गए थे. वह सरस्वती को इसके लिए डाटते थे. पुलिस ने बताया कि पिता संतो मौर्य ने मंगलवार को भी करीब दोपहर 1 बजे के सरस्वती मौर्य को मोबाइल ज्यादा खेलने पर लेकर डांट लगाई थी. इससे नाराज होकर सरस्वती चित्रकोट वाटरफॉल पहुंच गया.
पुलिस ने बताया कि वाटरफॉल देखने आए लोगों को जब यह एहसास हुआ कि वह आत्महत्या करने जा रही है, तो उन्होंने उसे रोकने की काफी कोशिश लेकिन सरस्वती ने किसी की नहीं सुनी और फॉल में छलांग लगा दी. हालांकि उसे तुरंत ही अपनी गलती का अहसास हो गया. इसके बाद वह खुद को डूबने से बचाने के लिए तैरकर बाहर आने की कोशिश करने लगी.
चित्रकोट चौकी प्रभारी तामेस्वर चौहान ने आजतक को बताया कि वाटरफॉल के पास सुरक्षा के लिए तैनात गांववाले नाव लेकर सरस्वती के पास पहुंच गए और उसे बचा लिया. पुलिस के अनुसार सरस्वती मौर्य चित्रकोट गांव की ही रहने वाली है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक युवती चित्रकोट के एक होटल में काम करती है. पिछले साल भी एक युवती ने चित्रकोट वारटरफॉल में छलांग लगा दी थी.
जानकारी के मुताबिक बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है, जिस चित्रकोट वाटरफॉल में भी खूब पानी है. इस वाटरफॉल की ऊंचाई 90 फीट है. यहां सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं.
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