रायपुर/एक अक्टूबर से 5जी नेटवर्क सर्विस शुरू कर दी गई है। आनलाइन ठगी करने वाले गिरोह ने अब इसे ही अपने ठगी का पैंतरा बना लिया है। अब लोगों को मैसेज और फोन करके फोन को 5जी में अपडेट कराने का झांसा देकर जाल में फंसाया जा रहा है।

जालसाज 5जी करने के नाम पर लोगों के मोबाइल पर ओटीपी भेज रहे हैं। रायपुर पुलिस ने लाेगों को अलर्ट किया है और किसी को भी ओटीपी शेयर नहीं करने कहा है।
गौरतलब है कि ठग ओटीपी बताते ही खाते में सेंध लगा रहे हैं। रायपुर के कुछ लोगों को इस तरह का मैसेज आकर उनसे ओटीपी पूछा गया। इसकी शिकायत साइबर सेल में पहुंची है। हालांकि अब तक किसी से ठगी नहीं हुई है। उसके बाद पुलिस ने अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों से अपील की गई है कि कोई भी मोबाइल का ओटीपी किसी को न बताएं। छत्तीसगढ़ में अभी 5जी सेवा शुरू नहीं हुई है।
गिरोह बदल रहे ठगी का तरीका
आनलाइन ठगी करने वाले गिरोह लगातार ठगी का तरीका बदल रहे हैं। देश या शहर में जो सिस्टम चल चल रहा है, या नई सुविधा शुरू होने वाली उसी के नाम पर फंसाते हैं। अभी कुछ लोगों को सिम और फोन दोनों को 5जी अपडेट करने का मैसेज आया है। उसमें संपर्क नंबर दिया गया है। उसमें संपर्क करने पर ठग कुछ प्रोसेस करवाया गया। उसके बाद लिंक भेजकर व्यक्तिगत जानकारी मांगी गई, जैसे ही लिंक में जानकारी अपलोड की गई, मोबाइल पर ओटीपी आया है। उसके बाद ठगों ने ओटीपी पूछकर खाते से पैसे निकाल लेते हैं।
फोन पर ओटीपी शेयर करने से बचें
साइबर एक्सपर्ट मोहित साहू ने बताया कि वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) अक्सर 4 से 6 अंक का होता है। इसका उपयोग करने के लिए सिर्फ 60 सेकंड का समय होता है। उसके बाद ओटीपी अनुपयोगी हो जाता है। उसका उपयोग नहीं कर सकते हैं। ठगी ओटीपी पूछकर खाते में सेंध लगा रहे हैं। ठग खाते में सेंध लगाने के लिए ओटीपी जनरेट करते है। उससे पैसा निकाल लेते हैं। किसी भी हाल में ओटीपी न दें।
शिकार होने पर यह करें
ठगी का शिकार होने पर टोल फ्री नंबर 1930 पर काल करें। इसके अलावा रायपुर पुलिस साइबर सेल के फोन नंबर 0771-4247109 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
साइबर क्राइम का शिकार होने पर यह करें
cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत करें
– हेल्पलाइन नंबर 1930 काल कर सहायता प्राप्त करें।
– शिकायत दर्ज कराने के लिए उपरोक्त पोर्टल पर उपलब्ध वाणी चैट बोट की मदद लें।
– नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल से संपर्क करें।
यह भी है ठगी के तरीके, कैसे करें बचाव
– किसी भी तरह के आफर और लालच में न आएं।
– अनजान व्यक्ति से फोन पर बात कर उसके बहकावे में न आएं।
– अच्छी तरह जांच करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में राशि डालें।
– फेसबुक, टि्वटर आइडी का पासवर्ड स्ट्रांग रखें, सरल पासवर्ड न रखें।
– कोई पैसे की मांग करता है तो पहले जांच लें या मैसेज करने वाले से फोन पर संपर्क करें।
– बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर डिटेल्स नहीं मांगते हैं।
– अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड की जानकारी किसी को न भेजें।
फेसबुक में दोस्ती फिर गिफ्ट भेजने का लालच।
– डेबिट या क्रेडिट कार्ड केवायसी अपडेट करवाने के नाम पर ठगी।
– क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या बंद करने का झांसा।
– अश्लील वीडियो काल ठगों का नया हथियार।
– लाटरी लगने का झांसा देकर ठगी।
5जी नेटवर्क सर्विस शुरू करने के नाम पर अगर कोई फोन करता है तो अलर्ट हो जाएं। किसी भी हाल में ओटीपी न बताएं। ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर सेल में इसकी सूचना दें।
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