रायगढ़: आदिवासी बालक छात्रावास मे अंधेरे का फायदा उठाकर सीनयर छात्रों ने मिडिल स्कूल के छात्रों की कर दी पिटाई…! तबीयत खराब होने पर स्कूल से दे दी छुट्टी…
रायगढ़। घरघोड़ा के आदिवासी बालक छात्रावास में रविवार रात अप्रिय घटना घटते-घटते रह गई। बिजली गुल होने के बाद कुछ छात्रों ने मिडिल स्कूल के छात्रों की पिटाई कर दी। अंधेरा होने के कारण उन्हें चोट लग गई। सोमवार को स्कूल जाने पर छह बच्चों ने बेचैनी की शिकायत की। उन्हें अस्पताल ले जाकर चेकअप कराया गया है।
आदिवासी तबके के बच्चे भी अनिवार्य रूप से शिक्षित हों इसके लिए सरकार कई सुविधाएं देती है। छात्रवृत्त्ती के अलावा नि:शुल्क छात्रावास भी उपलब्ध कराती है। सरकार की मंशा होती है कि आदिवासी गरीब वर्ग के बच्चे इन हॉस्टलों में रहकर अच्छे से पढ़ाई करें और विकास करें, लेकिन लापरवाही के कारण इन छात्रावासों से अनुशासन गायब हो गया है। अब यहां से मारपीट की घटनाएं अक्सर सामने आने लगी हैं। छात्रावासों को अनुशासन में रखने की जरूरत सबसे अधिक होती है, क्योंकि रहकर पढ़ रहे छात्र आगे चलकर समाज में भागीदार बनते हैं।
जिले के आदिवासी छात्रावासों में कई अप्रिय घटनाएं पहले भी घट चुकी हैं। रविवार रात को फिर से ऐसा हो गया। घरघोड़ा में प्री मैट्रिक बालक छात्रावास क्रमांक-एक, क्रमांक-दो और पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास, तीनों एक ही परिसर में हैं। प्री मैट्रिक में दसवीं तक और पोस्ट मैट्रिक में 11 वीं, 12 वीं के छात्रों के साथ कॉलेज के छात्र भी रहते हैं। रविवार रात को सभी छात्र एक ही जगह एकत्र हुए थे। अचानक बिजली गुल होने से छात्रावास में अंधेरा छा गया। अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ बड़े छात्रों ने मिडिल स्कूल के छात्रों की पिटाई कर दी।
इस दौरान छह छात्रों को चोट लग गई। बताया जा रहा है कि सुनियोजित तरीके से पिटाई की गई। तीनों छात्रावासों के अधीक्षक नवीन यादव, परमेश्वर जायसवाल और अमित साहू हैं। नवीन को आजाक विभाग का मंडल संयोजक का प्रभार भी दिया गया है। तीनों छात्रावस अधीक्षक स्थिति को नहीं संभाल पाए। चोट लगने के बाद सभी छह छात्रों को अस्पताल ले जाया गया। तीन छात्रों को ज्यादा चोट लग गई। सोमवार को जब ये बच्चे स्कूल पहुंचे तो वहां इन्होंने तबीयत खराब होने की शिकायत की। इस पर सभी को छुट्टी देकर फिर से अस्पताल जाने कहा गया। अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि किन-किन छात्रों ने ऐसा किया है। हालांकि सहायक आयुक्त आदिवासी विकास का कहना है कि वे कुछ बच्चों ने शरारत की जिसकी वजह से चोट लगी।
छात्रावास नहीं संभाल पा रहे अधीक्षक
घरघोड़ा में तीनों छात्रावास एक ही परिसर में हैं। तीनों के अधीक्षक अलग-अलग हैं। सूत्रों के मुताबिक तीनों ही लापरवाही करते हैं। छात्रों को अनुशासन में रखने के लिए कोई काम ही नहीं करते। इसलिए बड़ी कक्षाओं के छात्र अपने से छोटे छात्रों की पिटाई करते हैं। रविवार रात भी ऐसा ही हुआ। घटना में किसी बच्चे को गंभीर चोट भी लग सकती थी।
क्या कहते है सहायक आयुक्त
बिजली गुल होने के कारण कुछ छात्रों ने बदमाशी की है। कौन-कौन से छात्र इसमें शामिल हैं, उनकी पहचान करेंगे। रविवार होने के कारण सभी छात्रों को गेट-टू-गेदर के लिए एक जगह इकट्ठा किया गया था : अविनाश श्रीवास, सहायक आयुक्त आजाक
क्या कहते हैं एसडीएम
मुझे इसकी जानकारी नहीं मिली है। कल ही इसकी जांच कराता हूं : रोहित सिंह, एसडीएम घरघोड़ा
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