छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मदरसे में नाबालिग छात्रा की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। बताया जा रहा है कि मदरसा का एक शिक्षक नास्ता के समय और रात को नाबालिग को अक्सर अपने कमरे में बुलाते थे।
जब भी नाबालिग शिक्षक के कमरे से लौटती थी तो काफी देर तक रोती रहती थी। वहीं मृतक के परिजनों का आरोप है कि छात्रा ने आत्महत्या नहीं की है बल्कि हत्या करके उसे फांसी पर लटका दिया गया है। फिलहाल मामले में पुलिस ने दो मौलानाओं को गिरफ्तार कर लिया है।

मदरसे में फांसी पर लटकती मिली छात्रा

दरअसल जिले के भवराही गांव में पिछले 10 सालों से एक मदरसा संचालित हो रहा है। इसमें मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों की 160 लड़कियां उर्दू की तालीम हासिल करती हैं। इन्हीं में एक नाबालिग लड़की मृतका मध्य प्रदेश के सिंगरौली की रहने वाली थी। छात्रा 26 सितंबर को सुबह 7 बजे प्रार्थना के बाद अपने कमरे में चली गई। फिर जब कुछ देर तक वह वापस नहीं लौटी तो बाकी लड़कियों ने उसके कमरे में जाकर देखा तो वह फांसी पर लटकी हुई थी। घटना की जानकारी मदरसे के प्रबंधन के साथ ही बसदेई पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर शाम हो जाने की वजह से सोमवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
छात्रा को अक्सर अपने कमरे में बुलाता था शिक्षक
वहीं जानकारी मिलने के बाद मृतका के परिजन मध्य प्रदेश से सूरजपुर पहुंचे। उन्होंने मदरसा के एक शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि उनकी लड़की को पिछले कई दिनों से एक शिक्षक परेशान कर रहा था। वहीं मृतका के साथ पड़ रही उसकी सगी छोटी बहन ने बताया कि वहां पर एक शिक्षक रात को मृतका को अक्सर अपने कमरे में बुलाते थे। जब भी छात्रा शिक्षक के कमरे से लौटती थी तो काफी देर तक रोती रहती थी। मृतका के परिजनों का यह भी आरोप है कि छात्रा ने आत्महत्या नहीं की है बल्कि हत्या करके उसे फांसी पर लटका दिया गया। मामले में पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की बात कह रही है। देखिए वीडियो-
मदरसे में अलग से मजहबी शिक्षा भी दी जा रही
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी आरके राय ने बताया कि भैयाथान ब्लाक में संचालित मदरसे को मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। यहां पहली से कक्षा 8वीं तक के बच्चे पढ़े हैं। इस मदरसे में अलग से मजहबी शिक्षा भी दी जाती है, जिसकी जानकारी विभाग को नहीं है। अब यह जानकारी मिली है कि यहां बच्चों को मजहबी शिक्षा की भी तालीम दी जाती है। साथ ही अलग से हॉस्टल में बच्चों को रखा गया है, जबकि हॉस्टल की मान्यता किसी भी विभाग से मदरसे को नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यह घटना दुर्भाग्य जनक है। मामले में पुलिस जांच कर रही है।
