पढ़ई तुंहर दुआर में हमारे नायक चुनी गई प्रेमा पटेल…सफलता की एक कड़ी और जुड़ी रायगढ़ जिले में बच्चों को प्रत्यक्ष रूप से सोलर पैनल दिखाकर उन्हें अनुभव आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण देने का किया प्रयास…
रायगढ़, कलेक्टर भीम सिंह के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत डॉ.रवि मित्तल के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिला शैक्षणिक सफलता के नित नए आयाम गढ़ रहा है। सफलता की कड़ी में आज शासकीय प्राथमिक शाला डोंगीतराई, संकुल केन्द्र डोंगीतराई, विकासखण्ड रायगढ़ में सहायक शिक्षिका एलबी के रूप में कार्यरत प्रेमा तीर्थानंद पटेल, पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम अंतर्गत हमारे नायक चुनी गई हैं एवं जिले का नाम रोशन किया है।
इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं है, हम वो सब कर सकते हैं जो हम सोच सकते हैं। श्रीमती प्रेमा पटेल के अनुसार बच्चे सोलर पैनल को अपने आसपास लगा हमेशा देखते थे पर उन उसको किसने बनाया? कहां बना, कैसे बना, क्यों बना? जैसे सवालों को ना तो सोचते थे ना ही उन्हें कोई बताने वाला था। जब तक वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाले प्रश्न बच्चों के मन में उत्पन्न में नहीं होंगे तब तक उनमें किसी भी चीज को देखने का वैज्ञानिक नजरिया नहीं बनता। वर्तमान समय में शिक्षा का एक आम उद्देश्य भी है और हमारा संविधान भी उसकी पैरवी करता है। प्रेमा पटेल द्वारा सोलर पैनल के प्रत्यक्ष अवलोकन के दौरान बच्चों के साथ सोलर पैनल के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। प्राथमिक कक्षा पांचवी के पर्यावरण में सौर ऊर्जा उसका उपयोग आज के संदर्भ में इसकी उपयोगिता व उसका पर्यावरण और व्यवसाय आदि में क्या महत्व है? इन सारे तत्व को जानने समझने के लिए बच्चों की जिज्ञासा और बढऩे लगी और बच्चे बहुत ही सहज होकर तमाम प्रश्न करने लगे जैसे इनको कौन बनाया होगा, क्या हम लोग भी बना सकते हैं? इसको बनाने में कितना पैसा खर्च हुआ होगा? इसकी क्षमता क्या है, साथ ही उनके मन में यह भी जिज्ञासा उत्पन्न हो रही थी कि इससे कितने बल्ब, पंखे आदि चला सकते हैं? अपने सवालों के जवाब बच्चे जानने के लिए उत्सुक थे। कुछ बच्चे अपने भविष्य के सपने भी देखने लगे। बच्चों की इस जिज्ञासा को काफी हद तक पूरा करने का प्रयास उनके प्रश्नों के उत्तर देकर किया गया। बच्चे अपने आसपास के वातावरण से बहुत से अनुभव साथ लिए होते हैं, पर वे अपने अनुभवों को कितना तार्किक ढंग से अभिव्यक्त कर पाते हैं यह कौशल विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। यदि बच्चों में एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो जाए तो वे सभी विषयों में वैज्ञानिक तथ्य ढूंढना शुरू कर देंगे, फिर चाहे विषय हिन्दी, गणित, पर्यावरण, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक क्यों ना हो। विकासखण्ड रायगढ़ जिला रायगढ़ के सहायक शिक्षिका प्रेमा पटेल के हमारे नायक चुने जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ आर.पी.आदित्य, डीएमसी समग्र शिक्षा रमेश देवांगन, एपीसी भुवनेश्वर पटेल ने इस कार्य के लिए श्रीमती प्रेमा पटेल को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
प्रेमा तीर्थानंद पटेल कहती हैं कि बच्चों को कुछ करके सिखाया जाता है तो वो अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से सीख पाते हैं। इसलिए उनको समझाने हेतु प्रयोग करके दिखाना एक बेहतर व सहज तरीका है। इससे पहले हमारे शाला के आसपास सोलर पैनल न होने से हमने बच्चों को मॉडल बना के दिखाया था, जिसका सलेक्शन भी जिला स्तर पर हुआ था। इस बार हमने सोलर पैनल को खेत में जाकर दिखाया। यही बाते है जो शिक्षा में आवश्यक होती हैं। इस कार्य में मेरे स्टॉप तथा संकुल के शिक्षकों का विशेष योगदान मुझे मिलता रहता है, जिसके कारण मैं ऐसे कार्य कर पाती हूं। मैं जब भी कक्षा में जाती हूं तो बच्चे मेरे अंदर प्रेरणा जगाते है। मुझे उनके लिए कुछ खास करने की इच्छा होती है। इसी तारतम्य में मैंने उन्हें खेत ले जाकर उनको सोलर पैनल दिखाया। बच्चे देख कर कुछ करके ज्यादा सीखते हैं।
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