तुम भूल न जाओ उनको इसलिए कही ये कहानी…जो शहीद हुए है उनकी जरा याद करो कुर्बानी…अमर शहीद उधम सिंह जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन…
नितिन सिन्हा
उधम सिंह -भारत के स्वाधीनता संग्राम से जुड़ा ‘उधम सिंह’ एक ऐसा नाम है जिसने जलियांवाला बाग हत्याकांड में मारे गए भारतीयों की मौत का बदला लंदन जाकर लिया था। उन्होने पंजाब के तत्कालीन गवर्नर माइकल ओ डायर को गोलियों से भून डाला था।
13 अप्रैल 1919 को जब जनरल डायर ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में जमा लोगों पर गोलियां बरसाईं और लाशों के ढेर लगा दिए तो 19 साल का किशोर उधम सिंह भी लाशों के बीच घायल पड़ा था। इसके बाद अगले 21 वर्षों तक उधम सिंह की जिंदगी का केवल एक मकसद रहा, अंग्रेजों की गोलीबारी का बदला लेना। उनके निशाने पर था माइकल ओ ड्वायर, जो उस वक्त पंजाब का लेफ्टिनेंट गवर्नर था और जिसकी इजाजत के बिना जनरल डायर ने यह कत्लेआम नहीं किया होता।
उधम सिंह अपने लक्ष्य के साथ लंदन पहुंच गए। दो दशक तक उनके सीने में जलियांवाला बाग नरसंहार की आग धधकती रही।
आखिर 13 मार्च 1940 का दिन आया। लंदन के काक्स्टन हॉल में ईस्ट इंडियन एसोसिएशन की मीटिंग चल रही थी। उसी दौरान उधम सिंह ने ओ ड्वायर को मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने कई गोलियां चलाईं। भारत के ब्रिटिश सेक्रेटरी लॉर्ड जेटलैंड, बॉम्बे के पूर्व गवर्नर लॉर्ड लैमिंग्टन और पंजाब के पूर्व गवर्नर सर लुई डेन को भी गोलियां लगीं। वे घायल हो गए। उधम सिंह को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना ने ब्रिटेन में सनसनी फैला दी थी।
आज उन्ही महान क्रांतिकारी की जयंती है। आइये अमर शहीद उधम सिंह जी को उनकी जयंती पर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करें!!
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