सारंगढ़। ग्राम पंचायत टुंडरी में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास, उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पाण्डेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विजयादशमी के धार्मिक, सामाजिक और नैतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। उनके विचारों ने उपस्थित ग्रामीणों को आत्ममंथन करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया।
अपने उद्बोधन में संजय पाण्डेय ने कहा कि विजयादशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम ने रावण का संहार कर पूरी दुनिया को सत्य, मर्यादा, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया था। आज भी इस पर्व की प्रासंगिकता उतनी ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि समाज को बेहतर बनाने के लिए केवल परंपराओं का निर्वहन करना पर्याप्त नहीं, बल्कि अपने आचरण में भी बदलाव लाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आज हमारे सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली चुनौती अपने भीतर राम को खोजने की है। हर साल रावण का पुतला जलाया जाता है, लेकिन हमें अपने भीतर छिपे अहंकार, क्रोध, लालच और स्वार्थ रूपी रावण को भी समाप्त करना होगा। जब तक व्यक्ति अपने अंदर की बुराइयों पर विजय प्राप्त नहीं करेगा, तब तक विजयादशमी का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता।
संजय पाण्डेय ने दूसरी चुनौती समाज में राम को खोजने की बताते हुए कहा कि हमें ऐसे लोगों और ऐसी पीढ़ी का निर्माण करना होगा, जो कमजोरों का सहारा बने, महिलाओं का सम्मान करे, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करे तथा अन्याय के विरुद्ध मजबूती से खड़ी हो। भगवान श्रीराम के आदर्श तभी सार्थक होंगे, जब समाज में सेवा, सहयोग, समानता और न्याय की भावना मजबूत होगी।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सवाल यह नहीं है कि रावण कहां है, बल्कि असली सवाल यह है कि राम कहां हैं? राम केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि हमारे आचरण, संस्कार, व्यवहार और कर्तव्यों में दिखाई देने चाहिए। यदि हम अपने जीवन में सत्य, मर्यादा, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा को अपनाते हैं, तभी श्रीराम के आदर्शों को वास्तविक अर्थों में जीवित रख सकते हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे विजयादशमी के अवसर पर यह संकल्प लें कि वे केवल रावण का पुतला नहीं जलाएंगे, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त कर भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं से करनी होगी। जब व्यक्ति का आचरण बदलेगा, तभी परिवार, गांव और समाज में भी बदलाव दिखाई देगा।
कार्यक्रम में जिला भाजपा महामंत्री द्वारिका साहू, जिला पंचायत सभापति भगवंतीण, कुंज राम पटेल, सुशीला मारुति साहू, सरपंच प्रतिनिधि सोहन लाल साहू, आशीष वैष्णव, मंडल अध्यक्ष मानसाय साहू, उपसरपंच धनेश्वर साहू, लखन लाल साहू, परमेश्वर कश्यप, जीतराम साहू, जयप्रकाश साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में विजयादशमी पर्व को लेकर उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।
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