मानसून के मौसम में राजस्थान का पारंपरिक हल्दी का हलवा स्वाद और पौष्टिकता का बेहतरीन मेल है। यह रेसिपी घर पर आसानी से तैयार की जा सकती है। जानिए इसकी सामग्री, स्टेप-बाय-स्टेप विधि और जरूरी टिप्स।

मानसून के मौसम में ठंडा-गर्म मौसम और बढ़ती नमी की वजह से लोग अक्सर कुछ गर्म और पौष्टिक खाने की इच्छा रखते हैं। ऐसे में राजस्थान का पारंपरिक हल्दी का हलवा एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। खासतौर पर कच्ची हल्दी से बनने वाला यह हलवा अपने अनोखे स्वाद और देसी अंदाज के लिए जाना जाता है। इसमें घी, दूध और मेवों का इस्तेमाल इसे और भी स्वादिष्ट बना देता है। आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी।
हल्दी का हलवा बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस स्वादिष्ट हलवे को बनाने के लिए 200 ग्राम कच्ची हल्दी, 2 कप फुल क्रीम दूध, 4-5 बड़े चम्मच देसी घी, आधा कप गुड़ का बूरा या स्वादानुसार चीनी, 2 बड़े चम्मच बादाम और काजू (कटे हुए), 1 बड़ा चम्मच पिस्ता, आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर और थोड़े से केसर के धागे लें। चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ी-सी काली मिर्च का पाउडर भी मिला सकते हैं।
स्टेप 1: हल्दी तैयार करें
सबसे पहले कच्ची हल्दी को अच्छी तरह धोकर उसका छिलका उतार लें। इसके बाद इसे कद्दूकस कर लें या मिक्सर में हल्का दरदरा पीस लें। अब एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें और उसमें कद्दूकस की हुई हल्दी डालकर धीमी आंच पर 8-10 मिनट तक भूनें। जब कच्ची हल्दी की तेज खुशबू कम हो जाए और रंग थोड़ा गहरा दिखने लगे, तब अगला स्टेप करें।
स्टेप 2: दूध और मिठास मिलाएं
अब भुनी हुई हल्दी में धीरे-धीरे गर्म दूध डालें और लगातार चलाते रहें ताकि गांठें न बनें। मिश्रण को मध्यम आंच पर तब तक पकाएं, जब तक दूध अच्छी तरह गाढ़ा न हो जाए। इसके बाद इसमें गुड़ का बूरा (या चीनी) डालें और अच्छी तरह मिलाएं। गुड़ डालने के बाद कुछ मिनट तक लगातार चलाते रहें, ताकि हलवा एकसार बन जाए।
स्टेप 3: मेवे डालकर हलवा तैयार करें
जब हलवा गाढ़ा होकर कड़ाही छोड़ने लगे, तब इसमें इलायची पाउडर, केसर और कटे हुए बादाम, काजू व पिस्ता डालें। 2-3 मिनट तक हल्का भूनने के बाद गैस बंद कर दें। आपका राजस्थानी हल्दी का हलवा तैयार है। इसे गर्मागर्म परोसें और ऊपर से थोड़े से मेवे डालकर सजाएं। मानसून के मौसम में यह पारंपरिक मिठाई स्वाद के साथ घर में देसी खुशबू का भी अहसास कराती है।
ध्यान रखें ये बातें
हल्दी का हलवा स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक सामग्री से तैयार होता है, लेकिन इसमें घी और मिठास भी होती है। इसलिए इसका सेवन संतुलित मात्रा में करें। यदि आपको किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या, जैसे मधुमेह या अन्य चिकित्सकीय स्थिति है, तो अपनी डाइट के अनुसार सामग्री में बदलाव करें या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें।
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