सारंगढ । सारंगढ़ जिला बनने के बाद भी गौन खनिज की तस्करी और अवैध परिवहन थमने का नाम नहीं ले रहा है दिन हो या रात बेबाक अंदाज में खनिज माफिया खनीज का अवैध का परिवहन करा रहे है, गुडेली और टीमरलगा के अपेक्षा कटंगपाली से रोजाना भारी संख्या में ओवरलोड खनिज की गाड़ियां सड़को पर फर्राटे भर रहे है । कटंगपाली इलाके में अवैध खनन भी बेहद जोर से किया जा रहा है जिसके जिम्मेदार सारंगढ जिला प्रशासन तथा रायगढ़ खनिज विभाग है। बता दे की न तो सारंगढ जिला प्रशासन अवैध खनन और खनिज का अवैध तस्करी रोकने की दिशा में काम कर रहा है और न ही रायगढ़ जिले का खनिज विभाग इस ओर ध्यान देने की जहमत उठा रहा है। लिहाजा अवैध खनन और ओवरलोड गाड़ियों का सड़को पर दौड़ना लाजमी है ।

क्रशर मालिक और खनन माफिया हो रहे मालामाल –
कटंगपाली इलाके में अवैध खनन आम बात हो गई है जिसकी जानकारी खनिज विभाग तथा जिला प्रशासन को भी है लेकिन जिम्मेदार अफसर जानबूझ कर माफियाओं को उपहार स्वरूप अभयदान दे रहे है । छेलपोरा,महुआ पाली,कटंगपाली और नौघटा क्षेत्र में बेहद सक्रिय रूप से माफिया तंत्र अवैध खनन कर मालामाल हो रहे है अलावा इसके राजनीतिक पुर पहुंच वाले क्रेशर मालिक भी लाखो कमा कर शासन को राजस्व का चुना लगा रहे है।क्रेशर मालिक अवैध खनन कर्ताओं से पत्थर लेकर गिट्टी निर्माण कर अवैध परिवहन के साथ अपनी ओवरलोड गाड़ियां सड़को पर दौड़ा रहे हैँ, जिससे सड़क दुघटना प्रबल हो ही रही है अपितु सड़के भी टूट रही है ।सड़को पर अंधाधुन दौड़ रही ओवरलोड खनिज की गाड़ियां राहगीरों के लिए परेशानियों का सबब बना हुआ है इन दौड़ती ओवरलोड गाड़ियों के कारण धूल कोहरे की तर्ज पर प्रवाहित होकर राहगीरों को परेशानी में डाल रही है। मोटरसाइकिल से आवगमन कर रहे राहगीर धूल धक्कड़ से काफी परेशान हो रहे है उन्हे धूल खाने में मजबूर किया जा रहा है।
खनिज बेरियर के कर्मचारियों की मिली भगत से ओवरलोड गाड़ियों
पर नही लग पा रहा लगाम ?
टीमरलगा स्थित खनिज जांच में तैनात कर्मचारियों की मिली भगत से ही ओवरलोड गाड़ियों को गति मिल रही है ऐसा हम नही कह रहे बल्कि ऐसी चर्चा है। ग्रामीणों की माने तो टीमरलगा खनिज जांच चौकी में कार्यरत कर्मचारी ओवरलोड गाड़ियों पर कोई एक्शन नही लेते बल्कि उन्हें बड़े ही आसानी से जाने दिया जाता है ग्रामीण कहते है की रोजाना
कराब 50 से अधिक खनिज की ओवरलोड गाड़ियां जांच चौकी से होकर गुजरती हे जिसको रोकने के लिए तैनात बेरियर के कर्मचारी सक्रिय नही रहते और यही कारण है की गुडेली और कटंगपाली के सड़को पर खनिज की ओवरलोड गाड़ियां बेरोक टोक दौड़ रही है ।कई बार तो ऐसा भी होता है की ओवरलोड खनिज की गाड़ियां बिना रायल्टी पर्ची चेक कराए बेरियर से निकल जाती हे और उन्हे बेरियर के कर्मचारियों के द्वारा नही रोका जाता ।
ज्ञात हो की खनिज बेरियर से होकर रोजाना करीब 300 खनिज की गाड़ियां गुजरती है जिसमे से आधे से अधिक गाड़ियां ओवरलोड होती है कई गाड़ियां ता बिना रॉयल्टी के ही पार होता है। खनिज बेरियर में खनिज का अवैध परिवहन और ओवरलोड वाहनों को पर ध्यान रखने के लिए तीन कर्मचारी भी नियुक्त किए गए है बावजूद न तो बिना रॉयल्टी की गाड़ियो पर आज प्रयन्त कोई ठोस कार्रवाई किया गया है ओर न ही ओवरलोड वाहनों पर ब्रेक लगाई जा रही है।
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