सारंगढ़। शादी का सपना दिखाकर युवती के साथ 5 साल तक शारीरिक संबंध बनाने वाले युवक को कोर्ट ने अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम का दोषी माना है और आजीवन कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजन अनूप कुमार साहू ने बताया कि सारंगढ़ के रहने वाले पुरूषोत्तम देवांगन उम्र 25 साल निवासी मुर्रा गली सारंगढ़ के खिलाफ आदिवासी युवती ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपी पुरूषोत्तम युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाकर शादी का सपना दिखाया और शारीरिक संबंध बनाने लगा। इस दौरान साल 2016 से 2021 तक आरोपी उसकी अस्मत से खेलता रहा लेकिन शादी के लिए पूछे जाने पर टालमटोल करता रहा। इस दौरान युवती के परिजन ने इस बात की जानकारी लगने पर उसे घर से निकाल दिया और वह अपनी सहेली के साथ रहने लगी लेकिन फिर भी आरोपी ने शादी नहीं कि बल्कि अपने समाज की दूसरी लड़की से शादी कर पीड़िता को धोखा दे दिया। जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा। जहां कोर्ट ने पुरूषोत्तम देवांगग को धारा 376 और अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम का दोषी माना है और धारा 376 में 10 साल का सश्रम कारावास और 1 हजार का अर्थदंड तथा अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में आजीवन कारावास और 1 हजार का अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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