ब्रिटेन इन दिनों राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है. लिज़ ट्रस के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे के बाद हर कोई इस सवाल का जवाब ढूंढ रहा है कि वहां अगला प्रधानमंत्री कौन होगा. इस दौड़ में पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को आगे माना जा रहा था, लेकिन वह भी पीछे हट गए हैं, इसलिए अब भारतीय मूल के ऋषि सनक इस पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं.
कुछ दिनों पहले द गार्जियन ने एक रिपोर्ट में कहा था कि ब्रिटेन के ज्यादातर लोग और कंजरवेटिव पार्टी के कई सांसदों का मानना है कि ऋषि सनक को सितंबर में ही प्रधानमंत्री बना देना चाहिए था. लिज़ ट्रस को चुनना गलत फैसला साबित हुआ. ऋषि सनक ने भी बहस में कहा था कि लिज़ ट्रस जिस तरह से टैक्स में कटौती के चुनावी वादे कर रही हैं, वह ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए घातक साबित होंगे.

भारतीय मूल के संत सनक कौन हैं?

ऋषि सनक के माता-पिता भारतीय मूल के हैं. हालांकि उनका जन्म 12 मई 1980 को इंग्लैंड के साउथेम्प्टन में हुआ था. कुछ इस तरह है ऋषि सुनक का भारतीय कनेक्शन. उनके दादा-दादी भारत से अफ्रीका आकर बस गए थे. इसके बाद उनके पिता अफ्रीका से ब्रिटेन आकर बस गए. ऋषि सनक के नाना पंजाब से तंजानिया शिफ्ट हो गए. इसके बाद उनकी मां का परिवार तंजानिया से ब्रिटेन आ गया. उनके माता-पिता की शादी ब्रिटेन में ही हुई थी.
ऋषि सुनकी का निजी जीवन
ऋषि सुनक 42 साल के हैं और उनकी शादी मशहूर बिजनेसमैन नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से हुई है। ऋषि और अक्षता की दो बेटियां कृष्णा और अनुष्का हैं. ऋषि सुनक ने ब्रिटेन के विनचेस्टर कॉलेज से राजनीति विज्ञान में डिग्री ली. इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के लिंकन कॉलेज से दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की.
उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी एमबीए किया है। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने कुछ साल इन्वेस्टमेंट फर्म गोल्डमैन सैक्स के साथ भी काम किया. उन्हें निवेश फर्म, विश्लेषक, गोल्डमैन सैक्स में भी अनुभव है. सुनक का सिक्का ब्रिटेन में चलता है. वह सबसे अमीर सांसदों में से एक हैं और उनकी संपत्ति 7300 करोड़ रुपये से अधिक है, तो साथ ही उनकी पत्नी अक्षता उनसे ज्यादा नेक हैं.
ऋषि सुनक का राजनीतिक सफर
साल 2015, पहली बार सांसद
साल 2017, दूसरी बार सांसद
साल 2018, मंत्री (थेरेसा सरकार)
साल 2019, तीसरी बार सांसद
साल 2019, वित्त मंत्री (जॉनसन सरकार)
साल 2022, PM पद के उम्मीदवार
कंजरवेटिव पार्टी में नया नेता चुनने की प्रक्रिया
उम्मीदवारी के लिए 20 सांसदों का समर्थन जरूरी है. दूसरे दौर में, 30 से कम सांसदों को वोट दिया जाता है. अंतिम दो उम्मीदवारों के चयन तक प्रक्रिया जारी है. अंतिम दो उम्मीदवारों का चयन पार्टी के सदस्यों द्वारा किया जाता है. पार्टी का चुना हुआ नेता पीएम बनता है.
ब्रिटेन में भारतीयों का डंका
जनसंख्या, 35 लाख (5%)
GDP में योगदान, 6% (14 लाख करोड़ रुपए)
ब्रिटेन में जन्मे प्रवासी, सबसे ज्यादा भारतीय
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