एक ऐसा खूनी झरना जहाँ, पानी की जगह बहता है खून…इंसान परेशान वैज्ञानिक हैरान, पढ़िए पुरी खबर..
दुनिया के कई हिस्सों में कई ऐसी रहस्मयी चीजे हैं जिनके बारे में जानने के बाद आप और हम तो क्या, विज्ञानिक भी कुछ नहीं समझ पाते हैं। आज एक ऐसी ही खबर हम आपके लिए लेकर आए हैं जिसके बारे में जानकर आप भी सोच में पड़ जाएंगे। पूर्वी अंटार्कटिका के विक्टोरिया लैंड पर एक ग्लेशियर स्थित है। इस ग्लेशियर का नाम टेलर ग्लेशियर है इस ग्लेशियर से एक खून का झरना बहता हैं जिसे देखने के बाद वैज्ञानिक भी हैरान हैं। टेलर ग्लेशियर पर बहता यह खून का झरना दशकों पुराना है। इस ग्लेशियर की खोज अमेरिकी वैज्ञानिक ग्रिफिथ टेलर ने 1911 में की थी। इसी के कारण इसका नाम टेलर ग्लेशियर है।
कई वैज्ञानिकों ने इस खून के झरने को नजदीक से देखा है जब इसका सैंपल लेकर जांच की गई तो इस बात का भी खुलासा हो गया कि इसका स्वाद नमकीन यानी खून की तरह ही है जिसके बाद वैज्ञानिकों का मानना है कि इस ग्लेशियर पर जीवन संभव है और यहां पर ग्लेशियर के नीचे जीवन पनप रहा है। हालांकि इसके बारे में पूरी जानकारी का अभाव है इसका कारण यहीं है कि यह जगह खतरों से भरी हुई है और यहां पर जाने का मतलब अपनी जान को खतरे में डालना है।
इस ग्लेशियर के बारे में 1960 में एक बड़ा खुलासा हुआ कि इस ग्लेशियर के नीचे Iron Salts मौजूद है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह Iron Salts फेरिक हाइड्रोक्साइड की मोटी बर्फ की परत से निकल रहा है। साल 2009 की एक स्टडी में इस ग्लेशियर के नीचे सूक्ष्मजीव होने की जानकारी मिली। इन सूक्ष्मजीवों के कारण ही इस ग्लेशियर से खून का झरना बह रहा है।
- तमनार विष्णु महायज्ञ और बटुक संस्कार में उमड़ा जनसैलाब..21 अप्रैल अंतिम दिन होगा पूर्णाहुति का महासंगम.. - April 20, 2026
- भक्ति की लहर से सराबोर सारंगढ़: हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था, गूंजा सत्संग का संदेश… - April 20, 2026
- भूख पर प्रहार, सेवा का विस्तार: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अन्नपूर्णा मुहिम बनी गरीबों का सहारा… - April 20, 2026

