गरियाबंद। ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर झाड़ियों में अधजली अवस्था में मिले युवक के शव का रहस्य अंततः सुलझ गया है। मृतक की पहचान गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र अंतर्गत खरपदर गांव निवासी विशाल सोनवानी के रूप में हुई थी।

शुरुआती जांच में हत्या का शक जताया गया था और अब पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि विशाल की हत्या उसके पड़ोसी और कथित ‘मामा’ केशव नागेश ने अपनी पत्नी ममता नागेश और उसके दो भाइयों के साथ मिलकर की थी।
13 मई की रात, ओडिशा के नुआपड़ा जिले के सीनापाली थाना क्षेत्र अंतर्गत गोरला जंगल में विशाल सोनवानी का अधजला शव मिला था। उसके शरीर का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह जल चुका था और उसकी बाइक भी पूरी तरह खाक हो चुकी थी। घटनास्थल पर शराब के खाली पाउच भी मिले थे, जिससे यह अंदेशा और गहरा गया कि हत्या के समय आरोपियों ने शराब का सेवन किया था।
सीनापाली पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो मृतक विशाल की अंतिम कॉल डिटेल खंगाली गई। इसमें पता चला कि उसने आखिरी कॉल अपने पड़ोसी में रहने वाली महिला ममता नागेश को किया था, जो मुंहबोली मामी थी। इसके बाद मृतक का फोन बंद हो गया और उसका लोकेशन उसी क्षेत्र में आखिरी बार एक्टिव देखा गया जहाँ से उसका शव बरामद हुआ।
पुलिस ने देवभोग थाना की मदद से केशव नागेश, उसकी पत्नी ममता नागेश और ममता के दो भाइयों – ईश्वर सुनानी और सागर सुनानी को हिरासत में लिया। पूछताछ में चारों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
आरोपियों ने बताया कि 29 अप्रैल को केशव नागेश ने अपने पड़ोसी विशाल को अपनी पत्नी ममता के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इससे क्रोधित होकर केशव ने पहले विशाल की जमकर पिटाई की। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। केशव ने ममता के भाइयों को साथ मिलाकर हत्या की साजिश रच डाली।
13 मई को ममता नागेश और उसका पति केशव, ममता के मायके (खरपदर) चले गए। वहीं से ममता ने विशाल को फोन कर मिलने के लिए बुलाया। मिलने की जगह गांव से 3 किलोमीटर दूर जंगल को चुना गया, ताकि कोई देख न सके। शाम होते ही विशाल बाइक से वहां पहुंच गया, लेकिन वहां पहले से तीनों आरोपी मौजूद थे।
हत्या की योजना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने शराब पी, ताकि हत्या करने का ‘हौसला’ बना रहे। विशाल के आते ही तीनों ने उस पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला किया। फिर यह सुनिश्चित करने के लिए कि उसकी जान न बचे, एक गमछा से उसका गला इतनी जोर से घोंटा गया कि गमछा फट गया।
हत्या के बाद विशाल के शव को उसकी ही बाइक पर लिटाया गया और बाइक से पेट्रोल निकालकर शव समेत आग के हवाले कर दिया गया। हालांकि शव पूरी तरह नहीं जल सका, इसलिए आरोपियों ने अधजले शव को झाड़ियों में छुपा दिया। मृतक का मोबाइल फोन भी मिट्टी में गाड़ दिया गया, जिसे अब पुलिस ने बरामद कर लिया है।
सीनापाली थाना प्रभारी रश्मिता प्रधान ने जानकारी दी कि केशव नागेश, ममता नागेश, ईश्वर सुनानी और सागर सुनानी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103, 278, 6(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
गौरतलब है कि विशाल के परिजनों ने 16 मई को देवभोग थाना में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले को पहले लापता व्यक्ति के रूप में दर्ज किया गया था, लेकिन जब शव की पहचान हुई और कॉल डिटेल सामने आईं, तो पूरा मामला साजिशन हत्या का निकला। बहरहाल, चारों आरोपी अब पुलिस हिरासत में हैं और आगे की पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, जैसे क्या इसमें और कोई शामिल था या क्या मृतक के किसी और से भी दुश्मनी थी।
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