छत्तीसगढ़

गरियाबंद: हायर सेकेंडरी स्कूल रुआड़ के छात्र तीन साल से सड़क पर बैठकर पढ़ने को मजबूर, भवन की मांग तेज…

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। जिले के हायर सेकेंडरी स्कूल रुआड़ के छात्र-छात्राएं पिछले तीन वर्षों से स्कूल भवन के अभाव में सड़क किनारे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

बारिश, धूप और अन्य परेशानियों के बीच शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों की स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, स्कूल में पर्याप्त भवन और कक्षाओं की व्यवस्था नहीं होने के कारण छात्रों को खुले में और सड़क किनारे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों के सामने यह समस्या उठाई गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

बारिश के मौसम में छात्रों की परेशानी और बढ़ जाती है। खुले स्थान पर पढ़ाई प्रभावित होती है, जबकि गर्मी के दिनों में तेज धूप में बैठकर पढ़ना मजबूरी बन जाता है। अभिभावकों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।

अपनी मांगों को लेकर छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन भी किया। हाथों में तख्तियां लेकर उन्होंने शासन-प्रशासन से जल्द नए भवन का निर्माण कराने और पर्याप्त कक्षाओं की व्यवस्था करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि वे बेहतर शिक्षा चाहते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।

खबर के अनुसार, छात्रों के समर्थन में बाल संरक्षण, किशोर न्याय और बाल अधिकारों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी आवाज उठाई। उनका कहना है कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है और शासन को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार लगातार नए दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्कूल आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद यदि बच्चों को सड़क पर बैठकर पढ़ना पड़े, तो यह चिंताजनक स्थिति है।

अभिभावकों, ग्रामीणों और छात्रों ने जिला प्रशासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल भवन निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और तब तक वैकल्पिक व्यवस्था कर बच्चों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित की जाए।

Back to top button